11 Best slogan on climate change in hindi | जलवायु परिवर्तन पर नारे

Slogan on climate change in hindi

Slogan on climate change in hindi: जलवायु परिवर्तन पुरे विश्व के लिए एक बड़ी चुनौती बानी हुई है। हर साल हमे जलवायु में परिवर्तन देखने को मिल रहा है। देश जितनी प्रगति से आगे बढ़ रहें हैं उतनी ही हमे जलवायु में बदलाव नजर आ रहा है। ऐसा इसीलिए क्यूंकि देश की प्रगति के लिए नए नए अविष्कार हो रहे हैं, प्रकृति के साथ खिलवाड़ हो रहा है। हम इंसान आपने स्वार्थ के लिए पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। लेकिन क्या हम जानते हैं की आने वाले भविष्य में इस गलती का खामियाजा किसे भुगतना पड़ेगा ?

जलवायु परिवर्तन का प्रभाव हमारे हीं आने वाली पीढ़ी को भुगतना होगा अगर हम अभी से सतर्क नहीं हुए तो। इसीलिए हमने आप सभी को जागरूक करने के लिए कुछ हिंदी भाषा में जलवायु परिवर्तन पर नारे(Slogan on climate change in hindi) लिखे हैं। इसे जरूर पढ़े और एक सच्चे नागरिक का फर्ज निभाते हुए पर्यावरण की रक्षा करे और भी जलवायु परिवर्तन से होते वाले खतरे से सतर्क कराएं।

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Slogan on climate change in hindi | जलवायु परिवर्तन पर नारे

जलवायु परिवर्तन से पूरा विश्व है चिंतित, पर्यावरण को बचाके आपने भविष्य करें सुनिश्चित।

इंसानी क्रियाकलाप का परिणाम है जलवायु परिवर्तन, प्रकृति के कारण भी होता है ये परिवर्तन।

मौसम के बदलाव से पता चलता है, जलवायु का परिवर्तन कितनी तेजी से हो रहा है।

सर्दी के मौसम में सर्दी न होना, बारिश के मौसम में सूखा पड़ना, दर्शाता है ये जलवायु परिवर्तन का होना।

असामान्य गर्म, तूफान, बाढ़ जैसी परिस्थितियों का सामना करते हैं, फिर भी पर्यावरण और प्रकृति को अनदेखा करते हैं।

पृत्वी का तापमान बढ़ रहा है, ग्लेसियस पिघल रहे हैं, कारण यही है की हमे प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है।

समय है अब जाग जाने का, पर्यावरण की रक्षा करने का।

जलवायु परिवर्तन को कण्ट्रोल करना है, यहीं लक्ष्य रख के पर्यावरण को बचाना है।

प्रकृति की सुंदरता को हमे समझना है, प्रदुषण को हमे रोकना है।

पर्यावरण की सुरक्षा हमारे भविष्य की सुरक्षा है, ग्लोबल वार्मिंग की समस्या को हमे कम करना है।

पर्यावरण प्रदुषण को मिलकर हराना है, जलवायु परिवर्तन में सुधर लाना है।

जलवायु परिवर्तन पर्यावरण में एक ऐसा परिवर्तन है जो प्राकृतिक भी हो सकता है और मानव द्वारा किये गए क्रियाकल्पों का परिणाम भी हो सकता है। जलवायु परिवर्तन से हम सब परिचित हैं, हम जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदलाव को एक सामान नहीं कह सकते। किसी एक मौसम से दूसरे मौसम में परिवर्तित होना जैसे की सर्दी के मौसम के बाद गर्मी के मौसम का आना, इसे हम मौसम में परिवर्तन कह सकते हैं। एक निर्धारित मौसम में किसी भी एक स्थान में औसत जलवायु होते हैं, और उस मौसम को तय करने वाले मानकों जैसे बर्षा, सूर्य के किरणे और तापमान के कारण उस मौसम की हमे अनुभूति होती है।

क्या है जलवायु परिवर्तन ?

जलवायु परिवर्तन की समस्या काफी गंभीर है। हम सब पृथ्वी में होने वाले इस परिवर्तन को समझ नहीं पाते हैं क्यों की जलवायु में बदलाव के लिए बहुत समय लगता है। लेकिन हम अगर ध्यान दे और लम्बे समय पीछे से आज के समय में होने वाले मौसम में बदलाव को देखेंगे तो हमे जलवायु परिवर्तन का सही अंदाजा लगेगा। वर्श -दर-वर्श जलवायु की अस्थिरता हमे होनेवाले असामान्य गर्म, तूफान, बाढ़ जैसी परिस्थितियों से पता चलता है।

वैष्विक तापमान पृथ्वी पर लगातार बढ़ रहा है। जब पृथ्वी के किसी भी एक जगह की औसत मौसम में बदलाव आता है उसे जलवायु परिवर्तन कहा जाता है। जलवायु परिवर्तन का प्रभाव पृथ्वी के हर कोने में देखने को मिल रहा है। पृथ्वी की तापमान में पिछले 100 की तुलना में 1 से 1.5 डिग्री फारेनहाइट तक बढ़ जुका है। यह आंकड़े बताते हैं की पृथ्वी के जलवायु में साल दर साल परिवर्तन आ रहा है। प्राकृतिक आपदाओं का सामना हमे हर साल करना पड़ रहा है, क्यों की जलवायु परिवर्तन हो रहा है और हम मनुष्य हीं ज्यादातर इसके लिए जिम्मेदार हैं।

लगातार पृत्वी का तापमान बढ़ रहा है, ग्लेसियस पिघल रहे हैं जिसकी बजह से महासागरों में जल स्तर बढ़ रहा है। यही कारण है की हमे प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है।

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