जैविक खेती क्या है | Organic Farming in Hindi

जैविक खेती (Organic Farming) से क्या लाभ है? दोस्तो आज हम अपने इस लेख में आपको जैविक कृषि के बारे में वो सारी तमाम जानकारियां उपलब्ध कराएंगे जो लोग जैविक कृषि से जुड़े हुए है या जो लोग जैविक कृषि से जुड़ना चाहते हैं, उन सभी को जैविक कृषि के बारे में जानकारी होनी चाहिए। तो दोस्तों आप इस लेख को पूरा पढ़िएगा आपको इसमें जैविक कृषि से जुड़े महतवपूर्ण जानकारी मिलेगी।

जैविक खेती क्या है?

“जैविक खेती” कृषि की व विधि है, जिसमें फसलों को उपजाने के लिए घरेलू तथा अनुपयोगी जैविक अपशिष्ट (Organic waste) तथा जीवश्मयुक्त खाद (Organic fertilizers) का प्रयोग किया जाता है। जैसे गाय का गोबर, जैविक खाद, वर्मिक खाद और हरी खाद इत्यादि शामिल होते है। जैविक खेती की विधि रासायनिक खेती की विधि की तुलना में बराबर या अधिक उत्पादन देती हैं। जैविक खेती से मृदा की उर्वरता एवं कृषकों की उत्पादकता क्षमता बढ़ाने में पूर्ण रूप से सहायक है।

वर्षा आधारित क्षेत्रों में जैविक खेती(Organic farming in hindi) की विधि और भी अधिक लाभदायक होती हैं। जैविक विधि द्वारा उत्पादन की लागत भी कम होती है। जैविक कृषि से हमारे किसान भाइयों को अधिक लाभ प्राप्त होता है, खेती में उत्पादन की लागत कम होती हैं। इसके साथ ही समय की बचत भी होती है और साथ में अधिक आय प्राप्त होती है।

जैविक कृषि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्पर्धा में उत्पादन अधिक करते हैं। इसके उत्पादन की अपेक्षा से किसान अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। हमारे देश में निरंतर बढ़ती हुई जनसंख्या एवं पर्यावरण प्रदूषण, जिसके कारण भूमि की उर्वरक शक्ति धीरे धीरे कम होने लगी है। जैविक कृषि को अपनाने से मिट्टी की उर्वरक क्षमता को बिना कोई नुकसान पहुंचाए हम अच्छी उत्पादन और अच्छी फसल को प्राप्त कर सकते है।

बढ़ते प्रदूषण के दौर में जैविक खेती के हमारे लिए अत्यंत लाभदायक साबित होती है। जैविक खेती से मानव स्वास्थ्य पर बहुत ही अच्छा असर देखने को मिलता है और मानव जीवन के सर्वाधिक विकास के लिए यह नितांत आवश्यक है।

प्राकृतिक संसाधन को बगैर नुकसान पहुंचाए हमे शुद्ध वातावरण, पोस्टिक आहार भरपूर मात्रा में मिलता रहे, इसके लिए हमें जैविक खेती की कृषि पद्धतियों का अपनाना होगा। हमारे नैसर्गिक संसाधनों को एवं पर्यावरण को प्रदूषित किए बगैर समस्त जन मानस को खाद सामग्री उपलब्ध करा सकेगी तथा हमें खुशहाल जीवन जीने की सही दिशा भी दिखाएगी।

Organic Farming in Hindi

जैविक खेती करने से प्रदूषण में कमी देखने को मिली है और लोगों के मानसिकता में भी बदलाव आया है। आज किसान भाइयों को यह समझ आ गया है की वे बगैर अपने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए एक अच्छी खेती कर सकते हैं। और अपने देश के विकास में योगदान दे सकते हैं। जैविक कृषि के इस्तेमाल से बीमारियों में कमी देखने को मिलती हैं।

आज हमारे समाज में और हमारे देश में कई गंभीर बीमारियां जो लोगों को हो रही हैं, उनके कारण हमारा स्वास्थ्य व्यवस्था भी बहुत ज्यादा खराब हो रहा है। इनसे बचने के लिए सरकार और हमें मिलकर उचित कदम उठाना पड़ेगा, जैसे जैविक कृषि के द्वारा उपजाए उत्पादों का उपयोग करें, तथा जो रासायनिक पदार्थों से बने हुए वस्तुएं हैं, उन्हें कम से कम इस्तेमाल करें।

हमारे किसानों को तथा हमारे जितने भी किसान वर्ग से जुड़े हुए लोग हैं, उन्हें यह समझाना होगा कि अधिक उत्पादन तथा अधिक लाभ के लालच में आप जो रसायनिक उत्पाद में रसायनिक और कीटनाशकों दवाई का उपयोग कर रहे हैं, उस से न केवल भूमि प्रदुषण हो रहा है बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। एक तरफ जहां हमारा देश विकास की ओर बढ़ रहा है, उसी तरह दूसरी तरफ हमारा देश गंभीर बीमारियों का शिकार भी बनता जा रहा है। इस समस्या को देखते हुए सरकार भी जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए बहुत सारी योजनाएं बना रही है।

लेकिन हमारे देश में पहले से परंपरागत तरीके से कृषि की जा रही है, जिसमे रासायनिक पदार्थ का उपयोग किया जाता है। हम यह जानना होगा की कैसे हम बिना रासायनिक उत्पादों का उपयोग किए अच्छे फसल प्राप्त कर सकते है। हमे समाज को जागरूक करना होगा की बिना रसायनिक पदार्थों का इस्तेमाल किए बगैर हम अच्छी फसल को उपजा सकते है और अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

हम सब को कृषकों के बीच में जानकारियों को अच्छी तौर से पहुंचाना होगा, कि लोग बिना रसायन उपयोग किए भी अच्छी कृषि कर सकते हैं। जिससे हमारा स्वास्थ्य और हमारा पर्यावरण भी सुरक्षित रहे और अधिक मात्रा में हमें फसल भी मिले। हमारे साथ हमें हमारे देश के सभी लोगों को खाद्य आपूर्ति में कमी ना हो और हमारे निर्यात के लिए भी दूसरे देश को अधिक फसल उपलब्ध करा सके।

जैविक कृषि के लाभ (Benefits of Organic Farming)

(१)जैविक कृषि में किसी भी प्रकार के हानिकारक तत्व नहीं होता है जो हमारे शरीर और वातावरण के लिए नुकसान दायक होता है।

(२)जैविक उत्पादों को बाजार में बहुत अच्छा कीमत मिलता है और इसकी मांग भी बनी रहती है।

(३)जैविक खाद के इस्तेमाल के कारण खेतों का उपजाओपन बना रहता है और मिट्टी भी उपजाऊ बना रहता है।

(४)जैविक खेती में अधिक जल की आवश्यकता नहीं होता है जिस से भूमिगत जल बना रहता है।

(५)जैविक कृषि में कंपोस्ट खाद और वर्मी खाद का प्रयोग किया जाता है जो आसानी से घरेलू कचरे से तैयार हो जाता है। यह वातावरण को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है।

(६)जैविक कृषि में रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होने के कारण लागत मे कमी आती है, जिससे किसानो को बहूत फायदा होता है।

मिट्टी की दृष्टि से जैविक कृषि के लाभ

(१)जैविक खाद के उपयोग के कारण भूमि की गुणवत्ता में सुधार आता है।

(२)भूमि में जल धारण क्षमता बढ़ती हैभूमि से पानी का वाष्पीकरन कम होता है।

पर्यावरण की दृष्टि से जैविक खेती के लाभ

  • जैविक कृषि से भूमि के जलस्तर में वृद्धि होती है। मिट्टी, खाद्य पदार्थ और जमीन में पानी के माध्यम से होने वाले जल प्रदूषण में कमी आती हैं।
  • कचरे का उपयोग खाद बनाने मैं होने के कारण बीमारियों में कमी आती है।
  • फसल उत्पादन की लागत में कमी एवं आय में वृद्धि होती है।
  • जैविक कृषि में खतरनाक कीटनाशकों का छिड़काव नहीं होता जिस से कृषि के लिए बहुत उपयोगी किट सुरक्षित रह जाते हैं। जो मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ाती है।
  • कृषि के लिए सारे किट बहुत उपयोगी होते हैं। मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा को और ऑक्सीजन की मात्रा को बनाए रखते हैं, जिस से फसल उत्पादन में लाभ मिलता है।

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