‘विंटर एक्शन प्लान’ तैयार कर रही है दिल्ली सरकार। सर्दियों के मौसम में राजधानी दिल्ली को वायु प्रदुषण से बचाने की एक प्रयास।

‘विंटर एक्शन प्लान’ तैयार कर रही है दिल्ली सरकार।

सर्दियों के मौसम सुरु होने से पहले दिल्ली सरकार प्रदुषण से निपटने के लिए अभी से हीं एक्शन प्लान कर रही है। दिल्ली सरकार ये भलीभांति जानती है की जैसे हीं सर्दी के मौसम सुरु होता है, वैसे हीं राजधानी दिल्ली में वायु प्रदुषण का स्तर बढ़ने लगता है। इसी समस्या को देखते हुए दिल्ली सरकार इसबार पहले से हीं ‘विंटर एक्शन प्लान’ तैयार कर रही है।

'विंटर एक्शन प्लान' तैयार कर रही है दिल्ली सरकार। सर्दियों के मौसम में राजधानी दिल्ली को वायु प्रदुषण से बचाने की एक प्रयास।
Delhi Air Pollution

पर्यावरण विभाग को दिल्ली सरकार द्वारा निर्देश कर दिया गया है की वे ‘विंटर एक्शन प्लान’ की तैयारी जल्द से जल्द सुरु करें। प्रदुषण की समस्या को लेके दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय जी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग से बातचीत करेंगे। दिल्ली शहर प्रदुषण के मामले में दुनिया भर के प्रदूषित शहरों में 10 वे नंबर पर है। इसीलिए दिल्ली सरकार वायु प्रदुषण के खिलाप इसबार पहले से हीं प्लान तैयार कर रहा है।

दिल्ली सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए हर संभव प्रयास करती रहती है। और खासकर यह प्रदूषण जाड़े के दिनों में और भी बढ़ जाता है। ठण्ड के समय प्रदूषण से दिल्ली वासियों को निजात दिलाने के लिए दिल्ली सरकार ने विंटर एक्शन प्लान लाने(Winter Action Plan ) का निर्देश दिया है । ठंड का मौसम आते ही दिल्ली में प्रदूषण की समस्या और भी बढ़ जाती है जिसके चलते दिल्ली में सांस फूलने की समस्या और कई अन्य प्रकार की बीमारियों उत्पन्न होने लगती है।

इन सभी समस्याओं को देखते हुए दिल्ली सरकार ने कई योजनाएं पर काम किया है। उन योजनाओं मे से एक स्मॉग टावर लगाया गया था।जो प्रदूषण को कम करने में मदद कर रहा था।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय जी ने कहा है कि प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली सरकार निरंतर काम कर रही है। चाहे वह वृक्षारोपण का काम हो या स्मॉग टावर का काम या जो प्रदूषित फैक्ट्रियां हैं उनको बदलने का काम जारी है । इस प्रकार के निरंतर अभियान दिल्ली के सरकार चला रही है। जो भी संभव प्रयास दिल्ली की सरकार के द्वारा किए जा रहे हैं।

क्यों बढ़ता है सर्दियों के मौसम में प्रदुषण ?

सर्दियों के मौसम में प्रदुषण से स्थिति और भी गंभीर हो जाती हैं । मौसम की स्थिति में बदलाव आने लगता है और हवा और भी तेज होने लगती है। उसका कारण है कि गाड़ियों से निकलने वाले धुएँ का प्रदूषण, फैक्ट्रियों से निकलने वाली धुएँ का प्रदूषण और खासकर जब पराली का धुँआ दिल्ली पर छाता है तब दिल्ली शहर का प्रदुषण स्तर और भी बढ़ जाता है । उस समय शहर के निवासियों को सांस फूलने की जैसी समस्याएं उत्पन्न होने लगता है।

इन समस्याओं को ध्यान में रखकर दिल्ली की सरकार ने पिछले साल काफी विचार किया है। दिल्ली को प्रदूषण से निजात दिलाने में दिल्ली सरकार हर संभव प्रयास करेगी।

दिल्ली में प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह पराली जलने से है, पराली की समस्या दिल्ली में हर बार परेशान करती है। इस समस्या को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने बायो डी कंपोजर का इस्तेमाल किया था, जिसका सारा खर्च दिल्ली की सरकार ने उठाया था। और किसानों पर एक भी पैसे का भार नहीं पड़ने दिया। दिल्ली की सरकार के द्वारा उठाए गए इस कदम से किसान के काम आसान कर दिया गया।

प्रदूषण को कम करने में अहम योगदान दिल्ली की जनता के ऊपर भी निर्भर करता है। खासकर दिल्ली की जनता को यह ख्याल रखना होगा कि प्रदूषण को किस प्रकार से कम कर सकते हैं । प्रदूषण को कम करने में सरकार की किस प्रकार से सहायता कर सकते हैं ।

आपको बता दें कि पराली वो होता है जो, धान की फसल काटने के बाद बचा हुआ हिस्सा होता है। इन परली को किसानों के द्वारा जला दिया जाता है जिसके कारण वायु प्रदुषण होता है। दिल्ली की सरकार द्वारा बायो डी कंपोजर की सहायता से फसलों को जलाकर किसान की जमीन को और उपजाऊ बनाना है, इससे दिल्ली में और दिल्ली के आसपास इलाकों को प्रदूषण से निजात दिलाने का भी कोशिशें है।

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